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    छपेली

    ‌यह एक नृत्य प्रधान गीत है। इन गीतों में पुरूष हुड़का वादक गाता है तथा नृत्य करता है, और अन्य नृत्य मुद्राओं तथा भाव भंगिमाओं के माध्यम से गीत के भावों को अभिव्यक्त करता है। इन नृत्यगीतों में यौवन का उल्लास, जीवन की मधुरिमा झलकती है। छपेली प्रेमियों का नृत्य है और इसमें युगल एक हाथ में दर्पण व दूसरे हाथ में रंगीन रूमाल लिए नृत्य में भाग लेते हैं। वास्तव में यह तरुणों का नृत्य है। पुरूष महिलाओं के आभूषण वस्त्र धारण कर इस नृत्य में भाग लेते हैं। गीतों की एक पंक्ति टेक स्थाई होती है। जिसे गायक दो पंक्ति के अन्तर के बाद दोहराता है। यही स्थाई पंक्ति गीत विशेष की थीम कही जा सकती है। एक छपेली की टेक निम्न है।


    1. तीले धारो बोला पधानी वे रूमा झूमा रूमा झूमा रूमा पधानी वे रूमा झूमा


    2. ओहो न्योला न्योला
    मेरी सोबना, दिन यो जोबन जाण लाग्यो



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