Folk Songs


    जा तन लागै है सखी

    जा तन लागै है सखी,
    व तन जानै पीर।
    दूजे को दरसै नहीं,
    जिगर द्यावै गंभीर।
    लांसिपसी खीर,
    धाग हुनूं तोड़ि दिनूं
    त्यारै मुखै तीर।
    सलम में तीन दिन है गई
    आज बारिस हुई,
    जैंति में गाड़ि ऐं
    जिल्लै बै म्यर घर
    द्वी किलोमीटर दूर छ
    पर उपराना गाड़ि ले नैं ऐ।
    मैं तलि सालम रूं
    उन मलि सालम रौंनी
    तेरि कुशल बात भलि छू
    मेरि कुसल बात ले तसी हटै यार अलिबेर।
    मुगसिरा मैन भाउ भौछौ
    बैसागा मैन तेर पैट
    मुगसिरा मैन भटे
    तेर पैट बैसाग बुलानौ ऊ,
    वी दिन जांलै नी बुलै सक
    उ जै मथैं बाब कांहै कौल
    मैंले उथैं बाब कौ।
    कटरै की खैछो
    दुनदुन दैछो
    च्योल म्योर छी, मैं बै पैद हैरौछी
    बब मैंले कौछो,,,,


    हिंदी

    सखी, जिसके शरीर पर चोट लगती है,
    वही उसकी पीड़ा जानता है।
    दूसरे को दिखाई नहीं देता,
    जिगर का गंभीर घाव.
    खूब गाढ़ी खीर,
    तागा होता तोड़ देता
    तुम्हारे मुंह के सामने।
    सालम ( सालम नाम की एक जगह) में तीन दिन हो गये
    आज वर्षा हुए,
    जैंती (जैंती नाम की एक जगह ) में गाड़ी आती है
    जहां से मेरा घर
    दो किलोमीटर दूर है
    पर उन दिनों गाड़ी भी आई
    मैं तल्ला सालम रहता हूं
    वे मल्ला सालम रहते है।
    तुम्हारी कुशल क्षेम भली है ?
    मेरी कुशल क्षेम भी ऐसी ही हो रही है यार इस बार।
    मार्गशीष के महीने बालक पैदा हुआ
    वैशाख माह तेरह गते
    मार्गशीष माह से ?तेरह गते वैशाख बोला वह
    उस दिन तक नहीं बोल पाया
    वह जो मुझसे बाप कहां कहेगा
    मैने उससे बाप कहा
    कटोरे में खाइ्र्र
    दही पर्याप्त है।
    बेटा मेरा था, मुझसे पैदा हुआ था।
    पर बाप मैने ही कहा।

    Leave A Comment ?

    Popular Articles

    Also Know